पहले ही सीख लिया था हमने तनहाई में जीना
छाव ठंडी ही दूंगा, बेशक पत्तो में कड़वाहट हो गई…!
तुझे क्या मिलेगा तू ही बता, मुझे उलझनों में डालकर…!
जो किसी बेपरवाह से बे-पनाह इश्क करते है।
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
तुम्हारी बातोँ में मेरा जिक्र भी आता होगा,
मुझे कौनसा इस दुनिया में दुबारा आना है ..!!
मुझे कौनसा इस दुनिया में दुबारा आना है ..!!
अरे खा गई हैं मुझको उसकी यादें… दिन-रात वही सताती हैं।
रिश्ते निभाने की उम्मीद हमसे ही क्यों,
अकेला रह जाना ही अपनी किस्मत मान लिया।
कहते है यूं तो ये शख्स, तजुर्बे से आगे निकल जायेगा…!
मुझे देख कर मेरे गम बोले बड़ी देर लगा दी Sad Shayari in Hindi आने में…!
इस दुनिया की हलचल से कहीं दूर चला जाऊँ…